महाभारत 6.30.16
आ ब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुनमामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न विद्यते
ā brahmabhuvanāllokāḥ punarāvartino'rjunamāmupetya tu kaunteya punarjanma na vidyate
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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