Loading
महाभारत 6.41.74
शल्य उवाच · śalya uvāca
यदि मां नाभिगच्छेथा युद्धाय कृतनिश्चयःशपेयं त्वां महाराज पराभावाय वै रणे
yadi māṃ nābhigacchethā yuddhāya kṛtaniścayaḥśapeyaṃ tvāṃ mahārāja parābhāvāya vai raṇe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें