महाभारत 6.43.6तस्मिन्समुदिते शब्दे तुमुले लोमहर्षणेबभूव रथनिर्घोषः पर्जन्यनिनदोपमःtasminsamudite śabde tumule lomaharṣaṇebabhūva rathanirghoṣaḥ parjanyaninadopamaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें