महाभारत 6.46.19नालमेष क्षयं कर्तुं परसैन्यस्य मारिषआर्जवेनैव युद्धेन वीर वर्षशतैरपिnālameṣa kṣayaṃ kartuṃ parasainyasya māriṣaārjavenaiva yuddhena vīra varṣaśatairapiइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें