महाभारत 6.47.11
भीष्मः सैन्येन महता समन्तात्परिवारितःययौ प्रकर्षन्महतीं वाहिनीं सुरराडिव
bhīṣmaḥ sainyena mahatā samantātparivāritaḥyayau prakarṣanmahatīṃ vāhinīṃ surarāḍiva
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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