महाभारत 6.48.7
तथा प्रवृत्ते संग्रामे धनुरुद्यम्य दंशितःअभिपत्य महाबाहुर्भीष्मो भीमपराक्रमः
tathā pravṛtte saṃgrāme dhanurudyamya daṃśitaḥabhipatya mahābāhurbhīṣmo bhīmaparākramaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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