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महाभारत 6.49.13
तत उच्चुक्रुशुः सर्वे पाञ्चालाः पाण्डवैः सहधृष्टद्युम्नेन तत्कर्म कृतं दृष्ट्वा सुदुष्करम्
tata uccukruśuḥ sarve pāñcālāḥ pāṇḍavaiḥ sahadhṛṣṭadyumnena tatkarma kṛtaṃ dṛṣṭvā suduṣkaram
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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