महाभारत 6.49.19
सा गदा वेगवन्मुक्ता प्रायाद्द्रोणजिघांसयातत्राद्भुतमपश्याम भारद्वाजस्य विक्रमम्
sā gadā vegavanmuktā prāyāddroṇajighāṃsayātatrādbhutamapaśyāma bhāradvājasya vikramam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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