महाभारत 6.52.6
जयद्रथेन सहिता ग्रीवायां संनिवेशिताःपृष्ठे दुर्योधनो राजा सोदरैः सानुगैर्वृतः
jayadrathena sahitā grīvāyāṃ saṃniveśitāḥpṛṣṭhe duryodhano rājā sodaraiḥ sānugairvṛtaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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