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महाभारत 6.55.63
ततः कृष्णस्तु समरे दृष्ट्वा भीष्मपराक्रमम्संप्रेक्ष्य च महाबाहुः पार्थस्य मृदुयुद्धताम्
tataḥ kṛṣṇastu samare dṛṣṭvā bhīṣmaparākramamsaṃprekṣya ca mahābāhuḥ pārthasya mṛduyuddhatām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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