महाभारत 6.61.37पुरा किल सुराः सर्वे ऋषयश्च समागताःपितामहमुपासेदुः पर्वते गन्धमादनेpurā kila surāḥ sarve ṛṣayaśca samāgatāḥpitāmahamupāseduḥ parvate gandhamādaneइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें