महाभारत 6.61.39
ध्यानेनावेद्य तं ब्रह्मा कृत्वा च नियतोऽञ्जलिम्नमश्चकार हृष्टात्मा परमं परमेश्वरम्
dhyānenāvedya taṃ brahmā kṛtvā ca niyato'ñjalimnamaścakāra hṛṣṭātmā paramaṃ parameśvaram
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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