महाभारत 6.66.10
गजवाजिमनुष्याणां सर्वगात्रैश्च भूपतेआसीत्सर्वा समाकीर्णा मुहूर्तेन वसुंधरा
gajavājimanuṣyāṇāṃ sarvagātraiśca bhūpateāsītsarvā samākīrṇā muhūrtena vasuṃdharā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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