महाभारत 6.66.2
पूर्वाह्णे तन्महारौद्रं राज्ञां युद्धमवर्ततकुरूणां पाण्डवानां च मुख्यशूरविनाशनम्
pūrvāhṇe tanmahāraudraṃ rājñāṃ yuddhamavartatakurūṇāṃ pāṇḍavānāṃ ca mukhyaśūravināśanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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