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महाभारत 6.69.28
तस्य दृष्ट्वा तु तत्कर्म परिवव्रुः सुतास्तवदहन्तं समरे सैन्यं तव कक्षं यथोल्बणम्
tasya dṛṣṭvā tu tatkarma parivavruḥ sutāstavadahantaṃ samare sainyaṃ tava kakṣaṃ yatholbaṇam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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