महाभारत 6.69.39
मुक्तकेशा विकवचा विरथाश्छिन्नकार्मुकाःबाहुभिः समयुध्यन्त सृञ्जयाः कुरुभिः सह
muktakeśā vikavacā virathāśchinnakārmukāḥbāhubhiḥ samayudhyanta sṛñjayāḥ kurubhiḥ saha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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