महाभारत 6.77.17
रक्ष्यमाणश्च तैः शूरैर्गोप्यमानाश्च तेन तेसंनद्धाः समदृश्यन्त राजानश्च महाबलाः
rakṣyamāṇaśca taiḥ śūrairgopyamānāśca tena tesaṃnaddhāḥ samadṛśyanta rājānaśca mahābalāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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