महाभारत 6.77.38
हाहाकारो महानासीत्तव सैन्ये विशां पतेछाद्यमानौ भृशं कृष्णौ शरैर्दृष्ट्वा महारणे
hāhākāro mahānāsīttava sainye viśāṃ patechādyamānau bhṛśaṃ kṛṣṇau śarairdṛṣṭvā mahāraṇe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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