महाभारत 6.82.16
ततस्ते पार्थिवाः सर्वे श्रुत्वा पार्थस्य भाषितम्महता रथवंशेन परिवव्रुः पितामहम्
tataste pārthivāḥ sarve śrutvā pārthasya bhāṣitammahatā rathavaṃśena parivavruḥ pitāmaham
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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