महाभारत 6.82.39
दुर्योधनपुरोगास्तु पुत्रास्तव विशां पतेपरिवार्य रणे भीष्मं युयुधुः पाण्डवैः सह
duryodhanapurogāstu putrāstava viśāṃ pateparivārya raṇe bhīṣmaṃ yuyudhuḥ pāṇḍavaiḥ saha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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