महाभारत 6.85.24तथैव कौरवेयाणां भीमसेनो महाबलःचकार कदनं घोरं क्रुद्धः काल इवापरःtathaiva kauraveyāṇāṃ bhīmaseno mahābalaḥcakāra kadanaṃ ghoraṃ kruddhaḥ kāla ivāparaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें