महाभारत 6.86.84
वर्तमाने तथा रौद्रे संग्रामे भरतर्षभउभयोः सेनयोः शूरा नामृष्यन्त परस्परम्
vartamāne tathā raudre saṃgrāme bharatarṣabhaubhayoḥ senayoḥ śūrā nāmṛṣyanta parasparam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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