महाभारत 6.87.12
ततः प्रववृते युद्धं तुमुलं लोमहर्षणम्राक्षसानां च राजेन्द्र दुर्योधनबलस्य च
tataḥ pravavṛte yuddhaṃ tumulaṃ lomaharṣaṇamrākṣasānāṃ ca rājendra duryodhanabalasya ca
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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