महाभारत 6.87.27
तव च प्रियकामेन आश्रमस्था दुरात्मनासैन्धवेन परिक्लिष्टा परिभूय पितॄन्मम
tava ca priyakāmena āśramasthā durātmanāsaindhavena parikliṣṭā paribhūya pitṝnmama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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