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महाभारत 6.87.28
एतेषामवमानानामन्येषां च कुलाधमअन्तमद्य गमिष्यामि यदि नोत्सृजसे रणम्
eteṣāmavamānānāmanyeṣāṃ ca kulādhamaantamadya gamiṣyāmi yadi notsṛjase raṇam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंएतेषामवमानानामन्येषां च कुलाधमअन्तमद्य गमिष्यामि यदि नोत्सृजसे रणम्
eteṣāmavamānānāmanyeṣāṃ ca kulādhamaantamadya gamiṣyāmi yadi notsṛjase raṇam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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