महाभारत 6.89.12
तमन्वयात्सत्यधृतिः सौचित्तिर्युद्धदुर्मदःश्रेणिमान्वसुदानश्च पुत्रः काश्यस्य चाभिभूः
tamanvayātsatyadhṛtiḥ saucittiryuddhadurmadaḥśreṇimānvasudānaśca putraḥ kāśyasya cābhibhūḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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