महाभारत 6.91.22
भीमसेनोऽभिमन्युश्च राक्षसश्च घटोत्कचःद्रौपदेयाः सत्यधृतिः क्षत्रदेवश्च मारिष
bhīmaseno'bhimanyuśca rākṣasaśca ghaṭotkacaḥdraupadeyāḥ satyadhṛtiḥ kṣatradevaśca māriṣa
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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