महाभारत 6.91.23
चेदिपो वसुदानश्च दशार्णाधिपतिस्तथासुप्रतीकेन तांश्चापि भगदत्तोऽप्युपाद्रवत्
cedipo vasudānaśca daśārṇādhipatistathāsupratīkena tāṃścāpi bhagadatto'pyupādravat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें