Loading
महाभारत 6.93.12
स त्वं शीघ्रमितो गत्वा भीष्मस्य शिबिरं प्रतिअनुमान्य रणे भीष्मं शस्त्रं न्यासय भारत
sa tvaṃ śīghramito gatvā bhīṣmasya śibiraṃ pratianumānya raṇe bhīṣmaṃ śastraṃ nyāsaya bhārata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें