महाभारत 6.95.9
लोकस्तद्वेद यदहं पितुः प्रियचिकीर्षयाराज्यं स्फीतं महाबाहो स्त्रियश्च त्यक्तवान्पुरा
lokastadveda yadahaṃ pituḥ priyacikīrṣayārājyaṃ sphītaṃ mahābāho striyaśca tyaktavānpurā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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