महाभारत 6.97.3
धनंजयश्च किं चक्रे मम सैन्येषु संजयभीमो वा बलिनां श्रेष्ठो राक्षसो वा घटोत्कचः
dhanaṃjayaśca kiṃ cakre mama sainyeṣu saṃjayabhīmo vā balināṃ śreṣṭho rākṣaso vā ghaṭotkacaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें