महाभारत 6.99.20
मर्दमाना नरान्राजन्हयांश्च सुबहून्रणेवातायमाना दृश्यन्ते गन्धर्वनगरोपमाः
mardamānā narānrājanhayāṃśca subahūnraṇevātāyamānā dṛśyante gandharvanagaropamāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें