महाभारत 6.99.24
दन्तिनश्च नरश्रेष्ठ विहीना वरसादिभिःमृद्नन्तः स्वान्यनीकानि संपेतुः सर्वशब्दगाः
dantinaśca naraśreṣṭha vihīnā varasādibhiḥmṛdnantaḥ svānyanīkāni saṃpetuḥ sarvaśabdagāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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