महाभारत 7.10.28
उल्मुको निशठश्चैव झल्ली बभ्रुश्च वीर्यवान्पृथुश्च विपृथुश्चैव समीकोऽथारिमेजयः
ulmuko niśaṭhaścaiva jhallī babhruśca vīryavānpṛthuśca vipṛthuścaiva samīko'thārimejayaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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