महाभारत 7.10.38
अर्जुनः केशवस्यात्मा कृष्णोऽप्यात्मा किरीटिनःअर्जुने विजयो नित्यं कृष्णे कीर्तिश्च शाश्वती
arjunaḥ keśavasyātmā kṛṣṇo'pyātmā kirīṭinaḥarjune vijayo nityaṃ kṛṣṇe kīrtiśca śāśvatī
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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