महाभारत 7.10.40
मोहितो दैवयोगेन मृत्युपाशपुरस्कृतःन वेद कृष्णं दाशार्हमर्जुनं चैव पाण्डवम्
mohito daivayogena mṛtyupāśapuraskṛtaḥna veda kṛṣṇaṃ dāśārhamarjunaṃ caiva pāṇḍavam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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