महाभारत 7.100.39
तत्र राजन्महानासीत्संग्रामो भूरिवर्धनःरुद्रस्याक्रीडसंकाशः संहारः सर्वदेहिनाम्
tatra rājanmahānāsītsaṃgrāmo bhūrivardhanaḥrudrasyākrīḍasaṃkāśaḥ saṃhāraḥ sarvadehinām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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