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महाभारत 7.102.11
सात्यकिं प्रेषयित्वा तु पाण्डवस्य पदानुगम्सात्वतस्यापि कं युद्धे प्रेषयिष्ये पदानुगम्
sātyakiṃ preṣayitvā tu pāṇḍavasya padānugamsātvatasyāpi kaṃ yuddhe preṣayiṣye padānugam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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