महाभारत 7.102.93
आपतन्तीं महाशक्तिं तव पुत्रप्रचोदिताम्द्विधा चिच्छेद तां भीमस्तदद्भुतमिवाभवत्
āpatantīṃ mahāśaktiṃ tava putrapracoditāmdvidhā ciccheda tāṃ bhīmastadadbhutamivābhavat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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