महाभारत 7.103.41
किरीटमाली बलवाञ्श्वेताश्वः कृष्णसारथिःमम प्रियश्च सततं दिष्ट्या जीवति फल्गुनः
kirīṭamālī balavāñśvetāśvaḥ kṛṣṇasārathiḥmama priyaśca satataṃ diṣṭyā jīvati phalgunaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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