महाभारत 7.108.24
छित्त्वा शक्तिं ततो भीमो निर्मुक्तोरगसंनिभाम्मार्गमाण इव प्राणान्सूतपुत्रस्य मारिष
chittvā śaktiṃ tato bhīmo nirmuktoragasaṃnibhāmmārgamāṇa iva prāṇānsūtaputrasya māriṣa
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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