महाभारत 7.114.9
ततः क्रुद्धो रणे कर्णः पीडितो दृढधन्वनावेगं चक्रे महावेगो भीमसेनवधं प्रति
tataḥ kruddho raṇe karṇaḥ pīḍito dṛḍhadhanvanāvegaṃ cakre mahāvego bhīmasenavadhaṃ prati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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