महाभारत 7.115.4
तदा प्रभृति मा शोको दहत्यग्निरिवाशयम्ग्रस्तान्हि प्रतिपश्यामि भूमिपालान्ससैन्धवान्
tadā prabhṛti mā śoko dahatyagnirivāśayamgrastānhi pratipaśyāmi bhūmipālānsasaindhavān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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