महाभारत 7.118.39
अपूजयन्त तं देवा विस्मितास्तस्य कर्मभिःपक्षवादांश्च बहुशः प्रावदंस्तस्य सैनिकाः
apūjayanta taṃ devā vismitāstasya karmabhiḥpakṣavādāṃśca bahuśaḥ prāvadaṃstasya sainikāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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