महाभारत 7.121.34
शरैः कदम्बकीकृत्य काले तस्मिंश्च पाण्डवःसमन्तपञ्चकाद्बाह्यं शिरस्तद्व्यहरत्ततः
śaraiḥ kadambakīkṛtya kāle tasmiṃśca pāṇḍavaḥsamantapañcakādbāhyaṃ śirastadvyaharattataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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