महाभारत 7.123.13
यस्मात्तु बहु रूक्षं च श्रावितस्ते वृकोदरःपरोक्षं यच्च सौभद्रो युष्माभिर्निहतो मम
yasmāttu bahu rūkṣaṃ ca śrāvitaste vṛkodaraḥparokṣaṃ yacca saubhadro yuṣmābhirnihato mama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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