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महाभारत 7.131.57
अश्वत्थामोवाचगच्छ वत्स सहान्यैस्त्वं युध्यस्वामरविक्रमन हि पुत्रेण हैडिम्बे पिता न्याय्यं प्रबाधितुम्
aśvatthāmovācagaccha vatsa sahānyaistvaṃ yudhyasvāmaravikramana hi putreṇa haiḍimbe pitā nyāyyaṃ prabādhitum
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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