महाभारत 7.131.71
ततः स तोयदो भूत्वा नीलः सेन्द्रायुधो दिविअश्मवृष्टिभिरत्युग्रो द्रौणिमाच्छादयद्रणे
tataḥ sa toyado bhūtvā nīlaḥ sendrāyudho diviaśmavṛṣṭibhiratyugro drauṇimācchādayadraṇe
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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