महाभारत 7.133.39शतानीकः सुदशनः श्रुतानीकः श्रुतध्वजःबलानीको जयानीको जयाश्वो रथवाहनःśatānīkaḥ sudaśanaḥ śrutānīkaḥ śrutadhvajaḥbalānīko jayānīko jayāśvo rathavāhanaḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें