महाभारत 7.134.8
एते ह्यभिमुखाः सर्वे राधेयेन युयुत्सवःआयान्ति पाण्डवा ब्रह्मन्नाह्वयन्तः समन्ततः
ete hyabhimukhāḥ sarve rādheyena yuyutsavaḥāyānti pāṇḍavā brahmannāhvayantaḥ samantataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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